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Tax Planning VS. Tax Avoidance VS. Tax Evasion

  Every taxpayer always look for   difference between tax evasion and tax avoidance   as these both terms look similar but can either save taxpayer from tax liability or can impose heavy tax penalties. According to  Article 265 of the Constitution of India , tax can only be levied and collected by the authority of law. Collection of tax is the major source of revenue for every country’s government. Government uses this fund for the welfare of the general public at large. In India, government majorly collects two types of taxes i.e. Direct Tax and Indirect Tax. In this blog we will only be discussing about  Direct Taxes . Direct tax  is a tax that a person pays directly to the government. For example,  Income Tax , which is paid directly to the government. These taxes cannot be transferred to any other entity or person. However, the payment of tax becomes burden on tax payers thus, they always look forward to the methods and ways to either escape or red...

गर्मी की छुट्टियां

  गर्मी की छुट्टियां अपने साथ ढेर सारी खुशियाँ और कहीं घुमने जाने का अवसर लेकर आती है। हर साल की तरह इस साल भी हम अपने परिवार के साथ किसी यात्रा की योजना बना रहे थे कि तभी हमारे किसी जानकार ने हमें उत्तर भारत में स्थित पर्वतीय स्थल हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला की यात्रा का सुझाव दिया। शिमला को अंग्रेज़ों के द्वारा भारत की ग्रीष्मकालीन राजधानी भी घोषित किया गया था। ठंडा प्रदेश होने के कारण हम सब यहाँ जाने के लिए मान गए और वैसे भी गर्मी से राहत पाने के लिए इससे बेहतरीन स्थान कोई हो ही नहीं सकता था। हम सब ने मिलकर जाने के लिए दिन निश्चित किया और यात्रा की तैयारियों में लग गए। हम लोगों ने शिमला 5 दिन रहने का निर्धारित किया। हम लोग निर्धारित दिन पूरी तैयारी से पहाड़ो की सैर करने के लिए शाम को जाने वाली बस में पूरे उत्साह के साथ बैठ गए। पहाड़ो में बना रास्ता हमें डरा रहा था और गहरी खाई डर को बढ़ा रही थी लेकिन पहाड़ो का शांत और सुंदर वातावरण मन को मोह रहा था। हम लोगों ने सफर में बहुत ही आनंद किया। हमने खूब खाया, गाने गाए, पहाड़ो की कहानियाँ सुनी और साथ ही शिमला के रास्ते में पड़ने वाले ...

यूक्रेन संकट: भारत के प्रत्यावर्तन प्रयास कितने सफल रहे?

 भारत ने यूक्रेन में युद्ध से भाग रहे करीब 18,000 लोगों को वापस भेज दिया है। कुछ ने सरकार के कार्यों की प्रशंसा की है, जबकि कुछ ने कहा है कि प्रयास पर्याप्त नहीं थे। भारत ने युद्धग्रस्त यूक्रेन में फंसे भारतीयों के लिए ऑपरेशन गंगा बचाव अभियान का अंतिम चरण पूरा कर लिया है।13 दिनों के भीतर, यूक्रेन में रह रहे अनुमानित 20,000 भारतीय नागरिकों में से लगभग 18,000 को निकाल लिया गया और भारत ले जाया गया। गुरुवार को यह कार्रवाई खत्म हो गई।भारतीयों को रोमानिया, पोलैंड, हंगरी, स्लोवाकिया और मोल्दोवा के शहरों से उड़ाया गया था क्योंकि उन्होंने यूक्रेन में सीमा पारगमन बिंदुओं को पार किया था।यूक्रेन में भारतीय दूतावास के साथ मिलकर काम करने वाले विदेश मंत्री सुब्रह्मण्यम जयशंकर ने शुक्रवार को ट्वीट किया कि ऑपरेशन गंगा "विशेष रूप से" चुनौतीपूर्ण साबित हुआ है और समन्वय प्रयासों में शामिल लोगों को धन्यवाद देता है।"यूक्रेन और रूस में अधिकारियों के साथ-साथ निकासी सहायता के लिए रेड क्रॉस के लिए हमारा विशेष आभार," उन्होंने लिखा। यूक्रेन के पड़ोसियों - रोमानिया, हंगरी, पोलैंड, स्लोवाकिया और...

मूवी रिव्‍यू: द कश्‍मीर फाइल्‍स

कहानी इतिहास के पन्‍नों में ऐसी कई दर्दनाक घटनाएं दर्ज हैं, जिसने इंसानियत और समाज दोनों को न सिर्फ शर्मसार किया, बल्‍क‍ि ऐसा जख्‍म दिया जिसके निशान आज भी मिलते हैं। कश्‍मीर से अल्‍पसंख्‍यक हिंदू पंडितों का पलायन, उनकी दुर्दशा ऐसी ही एक सच्ची त्रासदी है। 'द कश्‍मीर फाइल्‍स'  एक ऐसी फिल्‍म है, जो आपको भावनात्मक रूप से जगाती है। यह 1990 के दशक की कश्मीर घाटी को दिखाती है। कश्‍मीरी पंडितों पर आतंकियों के जुल्‍म को दिखाती है। इस्लामिक आतंकवादियों द्वारा पंडितों को उनके घरों से भागने के लिए मजबूर किए जाने की कहानी कहती है। रिव्‍यू जिस मिट्टी पर आपने जन्‍म लिया। जिस आंगन में आपका बचपन ख‍िला। जिन गलियों में आपने अपनी जवानी काटी। उस मिट्टी, उस आंगन और उन गलियों को हमेशा के लिए छोड़ना पड़े, अपने ही देश में रिफ्यूजी की तरह जिंदगी बसर करनी पड़े। इस दर्द का जिक्र करना जितना आसान है, उसे सहन करना उतना ही मुश्‍क‍िल। 'द कश्‍मीर फाइल्‍स' उस त्रासदी का दंश झेल चुके ऐसे ही लोगों की सच्‍ची कहानियों पर आधारित है। वो जिन्‍हें शरणार्थी कहा गया। फिल्‍म एक तर्क देती है कि यह सिर्फ एक पलायन नही...

लड़की हूं लड़ सकती हूं, पर कब तक?

  कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने इस बार उत्तर प्रदेश चुनाव में नारा दिया- लड़की हूं लड़ सकती हूं। इसका असर भी दिखा। खासकर लड़कियों के बीच यह नारा काफी लोकप्रिय हुआ। इसके बाद प्रियंका गांधी ने इस नारे को हर चुनावी राज्य में इस्तेमाल किया। यूपी में तो महिला सुरक्षा चुनावी मुद्दा भी बना। यह सिर्फ कांग्रेस या विपक्ष का ही मुद्दा नहीं, बल्कि बीजेपी का भी मुद्दा रहा। जहां विपक्ष ने महिला सुरक्षा की स्थिति पर चिंता जताई, वहीं बीजेपी ने कहा कि उसके राज में महिला सुरक्षा की स्थिति बहुत बेहतर हुई। लेकिन जो सवाल अनुत्तरित है, वह यह कि राजनीतिक दलों को महिलाओं की जो यह याद आई है, क्या वह सिर्फ चुनाव तक सीमित है या चुनाव के बाद सरकार बनने पर भी इसकी याद रहेगी? वैसे महिलाओं को लेकर राजनीतिक दलों ने जो फिक्र दिखाई, उसमें उनकी जरूरत छिपी हुई है। पिछले कुछ सालों में सभी राजनीतिक दलों को यह बात समझ में आ गई है कि महिला मतदाता जीत-हार में अहम भूमिका निभा सकती हैं। इसलिए उनके लिए अलग-अलग लुभावने वादे भी किए जाने लगे। बिहार में हुए विधानसभा चुनाव के वक्त भी विश्लेषकों ने यह लिखा कि नीतीश कुमार को महिल...

सफलता के लिए धैर्य रखना परम आवश्यक है

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सफलता के लिए धैर्य रखना परम आवश्यक हैं जीवन में हर व्यक्ति को असफलता का सामना करना पड़ता हैं  सफलता के लिए धैर्य रखना परम आवश्यक हैं। लगातार अभ्यास और धीरज रखना ही अपने जीवन को सुखमय और बेहतर बनाने के लिए सर्वश्रेष्ठ विकल्प है। कामयाब होने के लिए कितनी बार असफलताओं को झेलना पड़ेगा यह नियमित प्रयासों और मुश्किलों का सामना करने की हमारी क्षमताओं पर निर्भर करता है। खुद को अपने लक्ष्यों की बार बार याद दिलाते रहना सीखना होगा। हमारे आस - पास बहुत से लोग ऐसे भी   है जिन्होंने कम समय में अपने आप को बेहतर बनाया है साथ ही अपनी सफलता को बरकरार भी रखा है। नियमित रूप से उचित प्रयास और निरंतर चिंतन ही हमें अपनी महत्वकांक्षाओं तक पहुंचने में मदद करता है। जीवन में हर व्यक्ति को असफलता का सामना करना पड़ता हैं। नाकामयाबी हमें प्रेरणा का काम भी करती हैं और पीछे धकेलने का कार्य भी। ये हम पर निर्भर करता है कि   हम इससे क्या सीखते है...